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जगन्नाथ आर्य विद्या मंदिर बादली का वार्षिकोत्सव

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  बादली में 31 मार्च को श्री जगन्नाथ आर्य विद्या मंदिर विद्यालय का 17वां वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह धूमधाम से मनाया गया। समारोह का शुभारंभ सरस्वती वंदना व दीप प्रज्जवलित कर मुख्य अतिथि कांग्रेस नेता बिजेन्द्र माजरा ने किया व समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘मीडिया केयर ग्रुप’ के प्रधान सम्पादक योगेश कुमार गोयल ने की। समारोह के उद्घाटन के पश्चात विद्यालय में बच्चों ने योग आसन, भाषण प्रतियोगिता, कविता एवं गीत प्रतियोगिता में हिस्सा लिया व सामाजिक बुराईयों पर आधारित अनेक नाटक प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सभी कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को व अनेक प्रतियोगिताओं में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि बिजेन्द्र माजरा व श्री योगेश कुमार गोयल ने संयुक्त रूप से पुरस्कृत किया।

कभी देखा है ऐसा योगा!

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इंसानों का खून पीने वाली बिल्ली

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याद्दाश्त भी बढ़ाती है हल्दी

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जरा पहचानिए ... कौनसा है ये प्राणी? का सही जवाब

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जी हां, इस फोटो में दिखाई दे रहा प्राणी तो एक नन्हीं गिलहरी ही है लेकिन क्या आपको यह गिलहरी थोड़ी अजीब नहीं लग रही?   यह चित्र है दक्षिण अफ्रीका के क्रूगर नेशनल पार्क का, जहां इस चित्र को एक फोटोग्राफर मोर्कल इरासमस ने अपने कैमरे में कैद किया. इस फोटो में यह गिलहरी अपने बच्चे को मुंह में सुरक्षित ढ़ंग से दबाये हुए अपने नए घर में जा रही है.

क्या आप जानते हैं?

लड़कियों से अधिक संवेदनशील होते हैं लड़के एक अध्ययन के बाद यह बात सामने आई है कि लड़कियों के मुकाबले लड़के अधिक संवेदनशील होते हैं। अध्ययनकर्ता मनोवैज्ञानिक सेबेस्टिन क्रैमर का कहना है कि पुरूषों पर समाज द्वारा दबाव डाला जाता है कि वे कठोर बनें और भावुकता से दूर रहें। पैदा होने के बाद भी लड़के लड़कियों के मुकाबले अधिक कमजोर होते हैं और बचपन तथा किशोरावस्था में भी लड़कों को लड़कियों से अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्रैमर कहते हैं कि लड़कों को शुरू से ही कठोर समझा जाता है और उनके मनोवैज्ञानिक विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। समाज लड़कों को कोमल हृदय एवं संवेदनशील नहीं बनने देता। यदि कोई लड़का शांत स्वभाव का है अथवा भावुक होकर रोने लगता है तो लोग उसका मजाक उड़ाने लगते हैं। क्रैमर के अनुसार संभवतः यही कारण है कि लड़कियां परीक्षाओं में लड़कों के मुकाबले अच्छे नंबर लाती हैं क्योंकि लड़कियों पर अक्सर कोई दबाव नहीं डाला जाता। किशोरावस्था में लड़कों द्वारा आत्महत्या करने की प्रवृत्ति भी लड़कियों के मुकाबले अधिक होती है क्योंकि वे भावनाओं और दबावों के बीच फंस जाते हैं। (मीडिया एंटरटेनमेंट फीचर्स...