-- श्रीगोपाल ‘नारसन’ (मीडिया केयर नेटवर्क) इन दिनों नवरात्र चल रहे हैं। मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जा रही है। देवी भक्त नौ दिनों तक लगातार उपवासरत रहकर देवी मां की अराधना कर रहे हैं और कन्याओं को देवी रूप मानकर उनकी पूजा अर्चना कर रहे हैं लेकिन पाकिस्तान में एक ऐसी देवी है, जिसने कट्टरपंथी तालिबान को धूल चटा दी है। मात्र 11 साल की आयु से इन कट्टरपंथी तालिबानियों से बिना किसी हथियार के लोहा लेने वाली इस देवी का नाम मलाला यूसुफजई है। यूं तो मलाला यूसुफजई पाकिस्तान के स्वात जिले के मिंगोरा शहर की एक साधारण लड़की ही थी और एक स्कूल में पढ़ने जाया करती थी। उसे स्कूल और किताबों के सिवाय कुछ मालूम न था। तभी सन् 2007 में एक दिन जब वह रोजाना की तरह स्कूल गई तो उसे अपना स्कूल बंद मिला। जब उसने स्कूल बंद होने का कारण जानना चाहा तो उसे बताया गया कि तालिबान के फरमान से स्कूल हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। मलाला को स्कूल का अचानक यूं बंद होना बहुत बुरा लगा और वह घर लौटकर रात भर सो नहीं पाई। उसने अपने अब्बा से तालिबान की इस गलत हेकड़ी को लेकर लंबी चर्चा की। वह ...
ये दृश्य पिछले दिनों हिन्दी के एक प्रतिष्ठित समाचारपत्र के अंदर के एक पन्ने पर प्रकाशित हुआ था, जिसमें कैलिफोर्निया के बूचड़खानों में गायों के नृशंस कत्ल की वीभत्स तस्वीरें दिखाई गई थी। गौ-हत्या के इस तरह के वीभत्स कृत्यों का आप अपने स्तर पर जितना विरोध कर सकते हैं, करें।