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Monday, January 21, 2013

आसाराम बापू ने हड़पी सैंकड़ों एकड़ जमीन?


पिछले दिनों ‘दिल्ली रेप कांड’ को लेकर अपनी घृणास्पद टिप्पणी के बाद अपनी आलोचना से बौखलाये प्रख्यात ‘संत’ (?) आसाराम बापू अपनी बेहद घटिया टिप्पणी ‘मैं हाथी, विरोधी भौंकने वाले कुत्ते’ को लेकर चर्चा में आए थे। दरअसल आसाराम कहने को भले ही विश्वविख्यात ‘संत’ हैं और देश-विदेश में भले ही उनके करोड़ों अनुयायी हैं लेकिन किसी न किसी तरह के विवाद के चलते चर्चा में बने रहना लगता है, उनकी फितरत बन गई है।


फिलहाल वो एक अन्य मामले को लेकर मुश्किल में पड़ गए हैं। दरअसल मध्य प्रदेश में कथित रूप से 700 करोड़ रुपये की जमीन को कब्जाने के मामले में ‘सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी’ द्वारा आसाराम बापू और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी गई है। ‘एसएफआईओ’ चाहता है कि आईपीसी और कम्पनीज एक्ट-1965 के तहत आसाराम और उनके बेटे के खिलाफ मामला चले। इस संबंध में उसने कम्पनी मामलों के मंत्रालय को अपनी सिफारिश भेजी है।

बता दें कि यह मामला मध्य प्रदेश के रतलाम में कथित रूप से 200 एकड़ की जमीन हथियाने से जुड़ा है। यह जमीन दिल्ली-पुणे फ्रंट कॉरिडोर पर स्थित है। यह जमीन ‘जयंत विटामिन्स लिमिटेड’ से जुड़ी है, जिस पर सन् 2000 में कथित रूप से कब्जा कर लिया गया था और तभी से आसाराम बापू इसका उपयोग कर रहे हैं। जेवीएल पब्लिक लिमिटेड कम्पनी है, जिसे 2004 में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने अपनी सूची से हटा दिया था। बीएससी में किसी भी कम्पनी को सूचीबद्ध कराने के लिए फीस देनी होती है लेकिन जेवीएल ने फीस नहीं दी थी। जेवीएल दूसरी फार्मा कम्पनियों को ग्लूकोज और विटामिन की आपूर्ति करने वाली अग्रणी कम्पनी मानी जाती है। जेवीएल ने मामले में शिकायत नहीं की जबकि कम्पनी के एक शेयरधारक ने मंत्रालय से सम्पर्क किया, जिसने 2010 में शिकायत की जांच एसएफआईओ को करने को कहा और एसएफआईओ ने दो साल तक मामले की जांच के बाद अब मंत्रालय को अनुशंसा भेजी है। (समाचार स्रोत: हिन्दी मीडिया)

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