आपकी उपयोगी रचनाओं एवं टिप्पणियों का स्वागत है.

उपयोगी सूचना

हिन्दी भाषा के समाचारपत्र तथा पत्रिकाएं यदि अपने प्रकाशनों के लिए ‘मीडिया केयर नेटवर्क’, ‘मीडिया एंटरटेनमेंट फीचर्स’ तथा ‘मीडिया केयर न्यूज’ की सेवाएं नियमित प्राप्त करना चाहें तो हमसे ई-मेल द्वारा सम्पर्क करें। आपके अनुरोध पर सेवा शुल्क संबंधी तथा अन्य अपेक्षित जानकारियां उपलब्ध करा दी जाएंगी।

हम इन फीचर एजेंसियों के डिस्पैच में निम्नलिखित विषयों पर रचनाएं प्रसारित करते हैं तथा डिस्पैच कोरियर अथवा ई-मेल द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं:-

राजनीतिक लेख, रिपोर्ट एवं विश्लेषणात्मक टिप्पणी, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय चर्चा, सामयिक लेख, फिल्म लेख एवं स्टार इंटरव्यू, फिल्म गॉसिप, ज्ञानवर्द्धक एवं मनोरंजक लेख, रहस्य-रोमांच, घर परिवार, स्वास्थ्य, महिला जगत, युवा जगत, व्यंग्य, कथा-कहानी, मनोरंजन, कैरियर , खेल, हैल्थ अपडेट, खोज खबर, महत्वपूर्ण दिवस, त्यौहारों अथवा अवसरों पर लेख, बाल कहानी, बाल उपयोगी रचनाएं, रोचक जानकारियां इत्यादि।

लेखक तथा पत्रकार विभिन्न विषयों पर अपनी उपयोगी अप्रकाशित रचनाएं प्रकाशनार्थ ई-मेल द्वारा भेज सकते हैं।
Share/Bookmark

अभी तक यहां आए पाठक

Saturday, July 17, 2010

क्यों अटकती है दिमाग के रिकार्ड ट्रैक पर कोई धुन?


कई बार ऐसा होता है कि चलते-फिरते सुनी गई कोई धुन पूरा दिन हमारे दिमाग में ‘अटकी’ रह जाती है। ऐसा क्यों होता है, अब तक यह एक पहेली ही था पर वैज्ञानिक अब इस पहेली को समझने के करीब आ गए हैं। वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क के उस भाग को खोज लिया है, जो संगीत को हमारे समझने लायक बनाता है। मस्तिष्क का यही भाग हमारी तार्किक शक्ति और जरूरत पड़ने पर हमारी स्मरण शक्ति (याद्दाश्त) का दरवाजा खोलने में भी सहायक होता है। वैज्ञानिकों ने इसके लिए ऐसे व्यक्तियों पर परीक्षण किया, जिन्हें संगीत की थोड़ी-बहुत समझ थी। उन व्यक्तियों को 8 मिनट की एक ऐसी धुन सुनाई गई, जिसमें सभी 24 मेजर और माइनर ‘की’ प्रयुक्त हुई थी। इस धुन में एक अन्य धुन इस प्रकार मिलाई गई थी, जो बीच-बीच में उभरती थी। यह धुन एक विशेष ‘आकार’ में तैयार की गई थी।

वैज्ञानिकों ने पाया कि उक्त सभी व्यक्तियों के मस्तिष्क का वह हिस्सा, जो माथे के ठीक पीछे स्थित होता है, उक्त धुन के ‘आकार’ की पहचान कर रहा था। इसके आधार पर वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध किया कि मस्तिष्क का उक्त हिस्सा, जो ‘रोस्ट्रोमाडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स’ कहलाता है, मस्तिष्क में संगीत का ‘नक्शा’ स्टोर करके रखता है और यही वह हिस्सा है, जो कहीं अधसुनी सी धुन को बार-बार हमें गुनगुनाने पर मजबूर करता है।
प्रस्तुति: योगेश कुमार गोयल

No comments:

समय बहुमूल्य है, अतः एक-एक पल का सदुपयोग सार्थक कार्यों में करें.