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Saturday, August 21, 2010

गर्भवती महिलाओं के लिए उचित नहीं कॉफी का सेवन


कॉफी पीने के फायदे और नुकसान के बारे में कुछ समय से स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ी है। कोई इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद बताता है तो कोई इसके दोष गिनवाता नहीं थकता लेकिन कुछ वैज्ञानिक अनुसंधनों ने इस बात की पुष्टि की है कि कॉफी पीने से मस्तिष्क ज्वर, पथरी, पार्किन्सन रोग आदि बीमारियों से बचाव होता है तथा इसके सेवन से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है किन्तु इसके साथ-साथ ज्यादा कॉफी पीने से आर्थराइटिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन का तो यहां तक कहना है कि कॉफी न पीने वाले व्यक्तियों में पार्किन्सन रोग होने का खतरा पांच गुना अधिक होता है। हालांकि यह सही है कि कॉफी में कैफीन की काफी मात्रा होती है और इसी की वजह से कॉफी पीने के बाद शरीर में चुस्ती-स्फूर्ति का संचार हो जाता है तथा नब्ज तेज हो जाती है, रक्तचाप भी बढ़ जाता है। संभवतः इसी कारण डॉक्टर निम्न रक्तचाप के रोगियों को कॉफी पीने की सलाह भी देते हैं किन्तु कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कॉफी में कैफीन की अधिक मात्रा के कारण इसकी लत व्यक्ति को बहुत जल्दी लग जाती है और किसी भी व्यक्ति के एक बार कॉफी का पूरी तरह से आदी हो जाने पर अगर उस व्यक्ति को 12 घंटे में एक बार भी कॉफी न मिले तो उसे भयंकर सिरदर्द की शिकायत शुरू होने लगती है।

कैफीन नामक पदार्थ हालांकि चाय, कोला तथा ऊर्जा प्रदान करने वाले अन्य पेय पदार्थों में भी होता है किन्तु इन पदार्थों में कैफीन की मात्रा कॉफी के मुकाबले काफी कम होती है। वैज्ञानिकों ने यह भी पता लगाया है कि सिगरेट पीने वाले व्यक्तियों में सिगरेट के सेवन के साथ कॉफी पीने से ब्लैडर के कैंसर की संभावना भी कम हो जाती है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो कॉफी के संबंध में पिछले कुछ वर्षों में वैज्ञानिकों द्वारा जो तथ्य प्रकाशित किए जाते रहे हैं, उनकी वजह से कॉफी पीने वालों की तादाद विगत कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है लेकिन अब एक वैज्ञानिक अनुसंधान द्वारा यह तथ्य भी सामने आया है कि गर्भवती महिलाओं को अधिक कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे उनमें गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जो महिलाएं दिन में चार कप से अधिक कॉफी पीती हैं, उनमें यह संभावना अधिक रहती है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि या तो गर्भवती महिलाओं को अपने गर्भ की रक्षा के लिए गर्भावस्था के दिनों में कॉफी का सेवन बिल्कुल बंद कर देना चाहिए या फिर उन्हें बहुत कम मात्रा में कॉफी पीनी चाहिए। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक कप में करीब 60 मिलीग्राम कॉफी होती है और एक दिन में 240-300 मिलीग्राम कॉफी नुकसान नहीं करती अर्थात् एक दिन में 4-5 कप कॉफी पी जा सकती है किन्तु गर्भवती महिलाओं के लिए ऐहतियात के तौर पर कॉफी का सेवन कम से कम किया जाना ही फायदेमंद है।
प्रस्तुति: योगेश कुमार गोयल

2 comments:

Gourav Agrawal said...

कौन कहता है कोफ़ी के फायदे हैं [ हा हा हा ]
केल्शियम की दुश्मन है कोफ़ी
पेनिक अटेक बढाती है कॉफ़ी
जो चीज है ही अनवश्यक उसे छोड़ देना चाहिए

ज्ञानवर्धक पोस्ट है , धन्यवाद

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रक्षा बंधन [ कथाएं, चर्चाएँ, एक कविता भी ] समय निकालो पढ़ डालो

Media Care Group said...

गौरव जी, टिप्पणी के लिए धन्यवाद.

समय बहुमूल्य है, अतः एक-एक पल का सदुपयोग सार्थक कार्यों में करें.