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Sunday, March 28, 2010

अगर खरीदें पुराना कम्प्यूटर

परामर्श

. योगेश कुमार गोयल (मीडिया एंटरटेनमेंट फीचर्स)

प्रायः वो लोग, जिन्हें प्रोफैशनल कार्य के लिए कम्प्यूटर की आवश्यकता नहीं होती पर कुछ अन्य कार्यों के लिए कम्प्यूटर खरीदना चाहते हैं, वे अक्सर पुराने कम्प्यूटर की तलाश में रहते हैं क्योंकि नए कम्प्यूटर के मुकाबले यह उन्हें काफी कम मूल्य में उपलब्ध हो जाता है लेकिन आप भले ही किसी भी उद्देश्य से पुराना कम्प्यूटर खरीद रहे हों, कम्प्यूटर खरीदते समय आपको कम्प्यूटर की क्वालिटी और उसकी कार्यक्षमता के बारे में कई अहम बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि इस मामले में थोड़ी सी लापरवाही बरतने के कारण आपको बाद में अपने निर्णय को लेकर कोई पछतावा हो और ऐसा लगे कि आपके साथ धोखा हुआ है। इसलिए यदि आप पुराना कम्प्यूटर खरीद रहे हैं तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:-
’ पुराना कम्प्यूटर खरीदने से पहले एक सूची बना लें, जिसमें उन सब चीजों का विवरण लिख लें, जो-जो आप अपने कम्प्यूटर में चाहते हैं।
’ कम्प्यूटर खरीदते समय सबसे पहले यह जान लेना आपके लिए बहुत जरूरी है कि जो कम्प्यूटर आप खरीद रहे हैं, वह कितना पुराना है, वह अभी वारंटी अथवा गारंटी पीरियड में है या नहीं। यदि खरीदे जा रहे कम्प्यूटर सैट की वारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है तो क्या इसके कुछ महत्वपूर्ण पार्ट्स की वारंटी अभी बाकी है और यदि है तो कितनी? प्रायः अधिकांश कम्प्यूटरों की वारंटी एक वर्ष की ही होती है लेकिन मॉनीटर, मदरबोर्ड, सीपीयू इत्यादि कुछ महंगे पार्ट्स की वारंटी 3 साल तक की भी होती है तथा हार्ड डिस्क की वारंटी पांच वर्ष तक भी होती है। यदि कम्प्यूटर या इसके किसी भी पार्ट की वारंटी शेष है तो विक्रेता से सभी वारंटी पेपर लेना हरगिज न भूलें।
’ यदि कोई भी पार्ट वारंटी में नहीं है तो ऐसा कम्प्यूटर खरीदते समय आप विक्रेता पर इस बात का हवाला देते हुए कीमत और कम करने के लिए दबाव डाल सकते हैं क्योंकि ऐसा कम्प्यूटर खरीदने के बाद कोई भी खराबी आने पर आपको फिर से उस पर खर्च करना होगा।
’ कम्प्यूटर खरीदते समय विक्रेता से उसकी सर्विस इत्यादि के बारे में भी विस्तार से जानकारी ले लें ताकि बाद में कम्प्यूटर में किसी भी प्रकार की खराबी आने पर आपको उसकी रिपेयर अथवा सर्विस के लिए नाहक परेशानी न झेलनी पड़े।
’ अब कम्प्यूटर के हार्डवेयर की जांच करें कि इसके साथ कौन-कौनसे हार्डवेयर पार्ट्स (फ्लॉपी ड्राइव, सी.डी. राइटर अथवा डीवीडी राइटर, साउंड कार्ड, मॉडम इत्यादि) जुड़े हैं।
’ यह भली-भांति जांच लें कि जिस कॉन्फीगरेशन के कम्प्यूटर के लिए आप कीमत अदा कर रहे हैं, वास्तव में आप वही सब पा भी रहे हैं। मसलन, हार्ड डिस्क का साइज, रैम की मात्रा, सी. पी. यू. की स्पीड, सीडी अथवा डीवीडी राइटर की कार्यक्षमता इत्यादि अच्छी तरह जांच लें।
’ कम्प्यूटर के साथ जो-जो हार्डवेयर अथवा उपकरण (मदरबोर्ड, डिस्प्ले कार्ड, साउंड कार्ड, मॉडम इत्यादि) जुड़े हैं, उन सभी के ‘ड्राइवर’ की फ्लॉपी, सी.डी. या डीवीडी विक्रेता से अवश्य मांग लें क्योंकि यदि आपको भविष्य में कभी भी ये सभी दोबारा ‘इन्स्टाल’ करने की जरूरत हुई तो आपको इनके ‘ड्राइवर’ की आवश्यकता पड़ेगी या फिर आप भविष्य में कभी अपने कम्प्यूटर को अपग्रेड कराना चाहेंगे अथवा विन्डो दोबारा लोड कराना चाहेंगे, तब तो इनकी जरूरत पड़ेगी ही।
’ कम्प्यूटर में सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाले मैकेनिकल पाटर््स हैं की-बोर्ड तथा माउस। इसलिए इनकी खासतौर से जांच कर लें कि ये दोनों सही ढ़ंग से कार्य कर रहे हैं या नहीं। की-बोर्ड का कोई बटन अटक तो नहीं रहा है और माउस का प्वाइंटर भी कहीं अटक तो नहीं रहा।
’ जो कम्प्यूटर आप खरीद रहे हैं, यदि उसके एक्सपॉशन स्लॉट की कवर प्लेट या अन्य हिस्सों पर जंग लगा दिखाई देता है तो इसका अर्थ है कि या तो इसका काफी समय से इस्तेमाल ही नहीं हुआ है या फिर इसकी सही ढ़ंग से देखभाल नहीं की गई है, ऐसे कम्प्यूटर में खराबी आने की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए सोच-समझकर ही ऐसे कम्प्यूटर को खरीदने का निर्णय लें।
’ यदि कम्प्यूटर को ‘ऑन’ करने के बाद आपको इसमें कोई असामान्य सी आवाज सुनाई देती है तो इसका अर्थ है कि इसके किसी पार्ट में कोई खराबी है। प्रायः हार्ड डिस्क, सीडी अथवा डीवीडी रोम, फ्लॉपी ड्राइव इत्यादि खराब होने पर इस प्रकार की असामान्य आवाज करते हैं।
’ यह भी देख लें कि सिस्टम फैन तथा सीपीयू फैन सही प्रकार से कार्य कर रहे हैं या नहीं। कई बार धूल जमा होने के कारण ये फैन कार्य करना बंद कर देते हैं और ऐसे में कम्प्यूटर का तापमान बढ़ने के कारण कम्प्यूटर में गड़बड़ी आने की संभावना अधिक हो जाती है।
’ कई बार कम्प्यूटर खरीदने के कुछ समय बाद ही लोग इसे अपग्रेड कराने की जरूरत महसूस करने लगते हैं। जैसे कि अधिक डाटा स्टोर करने के लिए और बड़ी हार्ड डिस्क लगवाना, रैम की मात्रा बढ़वाना, अधिक स्पीड वाला प्रोसेसर (सीपीयू) लगवाना इत्यादि। इसलिए पुराना कम्प्यूटर खरीदते समय इसके अपग्रेड हो सकने की क्षमता संबंधी समुचित जानकारी अवश्य हासिल कर लें क्योंकि कुछ पुराने कम्प्यूटरों में इन सब चीजों को अपग्रेड कराना संभव नहीं होता।
’ कम्प्यूटर लेते समय उसकी विशेषतः सभी बाहरी केबल्स (तारों) की अच्छी तरह जांच कर लें कि कहीं कोई केबल कटी-फटी तो नहीं।
यदि आप इन सभी बातों को ध्यान में रखकर पुराना कम्प्यूटर खरीदते हैं तो हम दावे के साथ कह सकते हैं कि आपको पुराना कम्प्यूटर खरीदने के अपने फैसले पर भविष्य में कभी पछताना नहीं पड़ेगा। (मीडिया एंटरटेनमेंट फीचर्स)

मीडिया एंटरटेनमेंट फीचर्स, मेन बाजार बादली, जिला झज्जर (हरियाणा)-124105.

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