एक दिन बाजार में एक आदमी तलवार बेच रहा था। ‘‘इसकी कीमत क्या है?’’ होजा ने पूछा। ‘‘सोने की पचास मोहरें!’’ आदमी ने जवाब दिया। ‘‘एक तलवार की कीमत सोने की पचास मोहरें?’’ होजा ने हैरान होते हुए पूछा। ‘‘यह जादुई तलवार है मियां!’’ उस आदमी ने जवाब देते हुए कहा, ‘‘जब आप इससे वार करेंगे, तब यह खुद ब खुद लंबी हो जाएगी और दुश्मन पर टूट पड़ेगी, चाहे वह आपसे कितनी भी दूरी पर हो!’’ उस व्यक्ति की बात सुनकर होजा लंबे-लंबे डग भरते हुए अपने घर जा पहुंचे और घर से एक बड़ा सा चिमटा लेकर वापस लौटे। फिर चिमटा उस आदमी को थमाते हुए बोले, ‘‘तुम इसे 100 सोने की मोहरों के बदले बेच दो।’’ ‘‘लेकिन यह तो मामूली चिमटा है।’’ उस व्यक्ति ने एतराज करते हुए कहा। ‘‘यह चिमटा जादुई भी है दोस्त’’ होजा ने उत्तर दिया, ‘‘क्योंकि जब मेरी बीवी इसे मेरी तरफ फैंकती है तो यह हवा में उड़ता हुआ ठीक मुझे आ लगता है, चाहे मैं उससे कितनी भी दूर क्यों न होऊं!’’ (मीडिया एंटरटेनमेंट फीचर्स)