आपकी उपयोगी रचनाओं एवं टिप्पणियों का स्वागत है.

उपयोगी सूचना

हिन्दी भाषा के समाचारपत्र तथा पत्रिकाएं यदि अपने प्रकाशनों के लिए ‘मीडिया केयर नेटवर्क’, ‘मीडिया एंटरटेनमेंट फीचर्स’ तथा ‘मीडिया केयर न्यूज’ की सेवाएं नियमित प्राप्त करना चाहें तो हमसे ई-मेल द्वारा सम्पर्क करें। आपके अनुरोध पर सेवा शुल्क संबंधी तथा अन्य अपेक्षित जानकारियां उपलब्ध करा दी जाएंगी।

हम इन फीचर एजेंसियों के डिस्पैच में निम्नलिखित विषयों पर रचनाएं प्रसारित करते हैं तथा डिस्पैच कोरियर अथवा ई-मेल द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं:-

राजनीतिक लेख, रिपोर्ट एवं विश्लेषणात्मक टिप्पणी, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय चर्चा, सामयिक लेख, फिल्म लेख एवं स्टार इंटरव्यू, फिल्म गॉसिप, ज्ञानवर्द्धक एवं मनोरंजक लेख, रहस्य-रोमांच, घर परिवार, स्वास्थ्य, महिला जगत, युवा जगत, व्यंग्य, कथा-कहानी, मनोरंजन, कैरियर , खेल, हैल्थ अपडेट, खोज खबर, महत्वपूर्ण दिवस, त्यौहारों अथवा अवसरों पर लेख, बाल कहानी, बाल उपयोगी रचनाएं, रोचक जानकारियां इत्यादि।

लेखक तथा पत्रकार विभिन्न विषयों पर अपनी उपयोगी अप्रकाशित रचनाएं प्रकाशनार्थ ई-मेल द्वारा भेज सकते हैं।
Share/Bookmark

अभी तक यहां आए पाठक

Wednesday, June 09, 2010

पेट में ही शहद का भण्डारण करती हैं मधु चींटियां


-- योगेश कुमार गोयल (मीडिया केयर नेटवर्क)

शहद की चींटियां, जिन्हें ‘मधु चींटियां’ कहा जाता है, प्रायः अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, अमेरिका तथा न्यूगिनी में पाई जाती हैं। विश्वभर में पाई जाने वाली अन्य चींटियों की भांति ही मधु चींटियों में भी रानी चींटी अण्डे देती है और मजदूर चींटियां उन अण्डों को सेने का काम करती हैं। मधु चींटियां प्रायः छोटे-छोटे समूहों में ही रहती हैं और कीड़ों तथा कुछ विशेष प्रकार के पौधों की कोंपलों से रस चूस-चूसकर आपातकाल के लिए इकट्ठा करती हैं। इस तरल पदार्थ (शहद) का भण्डारण स्थल भी बड़ा विचित्र होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसका भण्डारण ये अन्य किसी स्थान पर नहीं करती बल्कि कुछ विशेष प्रकार की चींटियों का पेट ही यह भण्डारण स्थल होता है। अपने पेट में रखी शहद की इन बूंदों से ही ये चींटियां अपना भोजन भी प्राप्त करती रहती हैं। जब इनका पेट शहद से भर जाता है तो यह सुनहरे पीले रंग का हो जाता है। आपातकाल के समय या बाहर भोजन की आपूर्ति में कमी आने पर ये चींटियां अपने पेट से शहद की एक-एक बूंद बाहर उगल देती हैं। इससे छत्ते की मजदूर चींटियां अपना पेट भरती हैं। मधु चींटियों को विश्वभर के कई हिस्सों में लोग स्वादिष्ट व्यंजन के रूप में भी उपयोग करते हैं, खासकर मैक्सिको में तो इन चींटियों के घोंसलों को ऊंची कीमतों पर बेचा जाता है। वहां लोग शहद की चींटियां प्राप्त करने के लिए इनके घोंसलों को ढूंढ़ते रहते हैं। (एम सी एन)

No comments:

समय बहुमूल्य है, अतः एक-एक पल का सदुपयोग सार्थक कार्यों में करें.