प्रस्तुति: मीडिया केयर नेटवर्क ब्यूरो प्रेम, दया और करूणा के सागर प्रभु ईसा मसीह के धर्मावलम्बी विश्व के हर देश में हैं। भारत में भी उनके अनुयायी बहुत बड़ी तादाद में हैं लेकिन इसके बावजूद यह एक विड़म्बना ही है कि ईसा मसीह और उनके महान् धर्मग्रंथ बाइबिल पर किसी भी देश में ज्यादा फिल्में नहीं बनी हैं। यदि हम सम्पूर्ण विश्व के फिल्म इतिहास का अवलोकन करें तो सबसे कम संख्या हमें इन ईसा विषयक फिल्मों की ही नजर आएगी। भारत में तो इन फिल्मों की संख्या लगभग नगण्य है ही, विश्व के जिन अत्यधिक सम्पन्न देशों ने सिने कला को जन्म दिया, जहां इस कला ने लगातार तकनीकी प्रगति की, वहां भी ईसा और बाइबिल पर बनी फिल्मों की संख्या उंगलियों पर गिनी जा सकती है। इन फिल्मों में भी ईसा मसीह या बाइबिल पर पूरी तरह कम फिल्में ही बनी हैं, अधिकांश फिल्में बाइबिल की कथाओं और उपकथाओं के आधार पर ही बनी हैं। पूरी तरह ईसा और बाइबिल पर बनी पहली फिल्म संभवतः सन् 1897 में प्रदर्शित ‘पैशन डी जीसस क्राइस्ट’ थी। उसके बाद ‘लाइफ ऑफ क्राइस्ट’, ‘किंग ऑफ किंग्स’, ‘द ग्रेटेस्ट स्टोरी एवर टोल्ड’, ‘द बाइबिल’, ‘द बाइबिल इन द बिगिनिंग’ जैस...