स्वास्थ्य चर्चा : औषधीय गुणों की खान रसीला आम

-- योगेश कुमार गोयल (मीडिया केयर नेटवर्क) गर्मियों में जगह-जगह पर मीठे और रसीले आमों को देखकर किसका दिल नहीं ललचाता। हालांकि अधिकांश लोग इसके उम्दा स्वाद का मजा लेने के लिए आम का सेवन करते हैं लेकिन अपने उम्दा स्वाद के साथ-साथ आम अनेक बीमारियों के उपचार और उनकी रोकथाम में भी उपयोग किया जाता है। यहां तक कि आम की गुठलियों की गिरी, जिसे अक्सर बेकार समझकर आम खाने के बाद कूड़े में फैंक दिया जाता है, भी काफी उपयोगी होती है। कुछ अनुसंधानों के बाद यह बात सामने आई है कि आम की 0.381 टन गिरी में जितना प्रोटीन होता है, उतना ही प्रोटीन 3.19 टन ज्वार अथवा जौ से या फिर 3 टन जई से अथवा 3.99 टन मक्का से मिलता है। इसके अलावा आम की गिरी में स्टार्च, आयोडीन, वसीय अम्ल, कच्चे रेशे तथा टैनिन भी पाए जाते हैं। हालांकि टैनिन से पाचन शक्ति पर कुछ असर पड़ता है लेकिन वैज्ञानिकों ने इसका भी इलाज ढ़ूंढ़ निकाला है। वैज्ञानिकों के अनुसार यदि थोड़ी मात्रा में पोटेशियम हाइड्रोक्साइड और सोडियम कार्बोनेट मिले पानी में आम की गिरी के आटे को 80 डिग्री तापमान पर करीब 20 मिनट तक भिगोया जाए तो इसमें टैनिन की मात्रा तो काफी कम ह...