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Tuesday, May 25, 2010

स्वास्थ्य चर्चा : औषधीय गुणों की खान रसीला आम


-- योगेश कुमार गोयल (मीडिया केयर नेटवर्क)

गर्मियों में जगह-जगह पर मीठे और रसीले आमों को देखकर किसका दिल नहीं ललचाता। हालांकि अधिकांश लोग इसके उम्दा स्वाद का मजा लेने के लिए आम का सेवन करते हैं लेकिन अपने उम्दा स्वाद के साथ-साथ आम अनेक बीमारियों के उपचार और उनकी रोकथाम में भी उपयोग किया जाता है। यहां तक कि आम की गुठलियों की गिरी, जिसे अक्सर बेकार समझकर आम खाने के बाद कूड़े में फैंक दिया जाता है, भी काफी उपयोगी होती है।

कुछ अनुसंधानों के बाद यह बात सामने आई है कि आम की 0.381 टन गिरी में जितना प्रोटीन होता है, उतना ही प्रोटीन 3.19 टन ज्वार अथवा जौ से या फिर 3 टन जई से अथवा 3.99 टन मक्का से मिलता है। इसके अलावा आम की गिरी में स्टार्च, आयोडीन, वसीय अम्ल, कच्चे रेशे तथा टैनिन भी पाए जाते हैं। हालांकि टैनिन से पाचन शक्ति पर कुछ असर पड़ता है लेकिन वैज्ञानिकों ने इसका भी इलाज ढ़ूंढ़ निकाला है। वैज्ञानिकों के अनुसार यदि थोड़ी मात्रा में पोटेशियम हाइड्रोक्साइड और सोडियम कार्बोनेट मिले पानी में आम की गिरी के आटे को 80 डिग्री तापमान पर करीब 20 मिनट तक भिगोया जाए तो इसमें टैनिन की मात्रा तो काफी कम हो ही जाती है, साथ ही यह आटा और अधिक गुणकारी हो जाता है।

आम के औषधीय गुणों की बात करें तो आम स्वाद की दृष्टि से तो एक बहुत उम्दा फल है ही, यह अनेक बीमारियों में भी एक रामबाण औषधि के रूप में उपयोग में आता है। शायद यही वजह है कि इस रसीले फल को ‘फलों का राजा’ भी कहा गया है। आइए डालते हैं आम के कुछ औषधीय गुणों पर एक नजर:-

लू से बचाव के लिए

दो कच्चे आमों को गर्म राख में भूनकर किसी बर्तन में उनका गूदा निकाल लें और इस गूदे में करीब 250 ग्राम पानी डालकर इसमें पुदीना और स्वादानुसार काला नमक मिला लें। चाहें तो इसमें बर्फ भी डाल सकते हैं। इसे दिन में दो बार पीएं। इससे लू की बीमारी ठीक होती है। इसके अलावा यह कब्ज ठीक करने के लिए भी एक कारगर दवा है।

हैजे से बचाव

यदि मरीज को दस्त लग जाएं अथवा हैजे की शिकायत हो तो आम के लगभग 20 ग्राम नरम-नरम पत्ते कुचलकर आधा लीटर पानी में उबाल लें और जब पानी आधा रह जाए, तब उसे छान लें और मरीज को यह गर्म पानी दिन में दो या तीन बार पिलाएं।

पेचिश तथा शुगर

पेचिश की शिकायत होने पर आम के पत्तों को छाया में सुखाकर बारीक पीसकर कपड़े में से छान लें और गर्म पानी में मिलाकर पीएं। यदि शुगर की बीमारी हो तो परहेज करते हुए पेड़ से झड़ चुके आम के पत्तों को बारीक पीसकर कपड़े में से छानकर ताजा व स्वच्छ पानी के साथ सेवन करें। इससे शुगर की बीमारी में काफी लाभ होगा।

कमजोरी दूर करने के लिए

शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए मीठे आमों का करीब 250 ग्राम रस इतने ही दूध में मिलाकर उसमें स्वादानुसार चीनी मिलाकर मैंगो शेक की ही भांति तैयार कर लें और इसका सेवन लगभग दो माह तक नियमित करें। इसे यदि बर्फ के बिना ही पीएं तो और भी अच्छा रहेगा। इसके सेवन से शरीर को ताकत मिलती है।

उल्टी लगने पर

उल्टी लगने पर आम का रस, ग्लूकोज, कैल्शियम वाटर और अर्क गुलाब बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर दिन दो या तीन बार पीएं। इससे उल्टियां बंद हो जाती हैं। यह गर्भवती महिला के लिए तो उल्टियों में बहुत उपयोगी रहता है।

दांतों के लिए

यदि आपके दांतों से खून आता है या आपके दांत पीले पड़ चुके हैं तो आम के पत्तों को छाया में सुखाकर इन्हें जलाकर बारीक पीस लें और इससे रोजाना अपने दांतों पर मंजन करें। इससे दांतों से खून आना बंद होता है और दांत भी सफेद हो जाते हैं। (एम सी एन)

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